Friday, March 14, 2025

भारतीय बौद्ध महासभा जिला महेंद्रगढ़ ने मनाया होलिका सम्मान दिवस

 भारतीय बौद्ध महासभा जिला महेंद्रगढ़ के सौजन्य में होलिका सम्मान दिवस का आयोजन महासभा की उपप्रधान प्रेमयादव के घर पर किया गया । इस कार्यक्रम का उद्देश्य ऐतिहासिक तथ्यों पर होली के त्योहार का विश्लेषण करना तथा आमजन के लिए इस त्योहार की तार्किक व्याख्या करना था । 

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए  आशा पूनिया ने बताया कि समाज के अधिकतर लोग हर त्योहार को बिना सोचे समझे मनाते हैं । समाज में संवैधानिक अधिकारों के बाद शिक्षा का खूब प्रचार हुआ है , लेकिन महिला वर्ग आज भी धार्मिक कर्मकांडों में फंसी हुई है । उसे आज भी यह समझ नही आया है कि क्या उसके पक्ष में है और क्या विपक्ष में ।

संगठन सचिव केला देवी ने पौराणिक कथाओं पर आँख बंद करके विश्वास नही करने की राय देते हुए कहा कि आज हम वैज्ञानिक युग में जी रहे हैं । सुबह से लेकर शाम तक विज्ञान और तकनीकी से लाभांवित होते हुए भी पाखण्ड को ढो रहे हैं । हमें हर बात को तर्क पर परखने के बाद ही अपनी जीवन में स्थान देना चाहिए । 

राष्ट्रपति अवार्डी पूर्व सरपंच रोशनी देवी ने बताया कि दिन में जिस होलिका की जनता पूजा करती है , रात को उसे क्यों जलाया जाता है ? हमें समझना होगा कि होलिका पूजनीय थी तो उसे जलाने वाले कौन थे ? उसे क्यों जलाया जाता है ????

कमला सूंठवाल ने अंधविश्वास और पाखण्ड से बचने की सलाह दी तथा बताया कि अगर महिला वर्ग धार्मिक पाखण्डों को समझ कर उनका विरोध करें तो समाज पूरी तरह बदल जाएगा । 

कार्यक्रम के अंत मे प्रेम यादव ने सभी आगुंतकों का आभार व्यक्त किया । उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में महिलाओं की बेहतरीन स्थिति का श्रेय भारतीय संविधान को तथा संविधान निर्माता बाबा साहब अम्बेडकर को दिया । खुद का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करते हए बताया कि मुझे मेरे पिताजी ने बेटे की तरह पढ़ाया तथा पालन पोषण किया । हमारे भाई नही थे तो उस जमाने में इसे एक बहुत बड़ी कमी माना जाता था । लेकिन मेरे पिताजी ने हमें सुजाता तथा बुद्ध की कहानी सुनाकर, सावित्री बाई फुले, झलकारी बाई व इंदिरा गांधी के बारे में बताकर कहा था कि कोई उनके पिता या भाई का नाम नही जानता होगा ,मगर उनके नाम व योगदान को अच्छे से जानते हैं । महिलाएं अगर धार्मिक आडम्बरों से निकल जाएं तो उनके जीवन में सुख-शांति व तरक्की आएगी ।

युवा साथी कपिल गोरा ने बताया कि प्रह्लाद की बुआ होलिका को नशे की हालत में पाखण्डी लोगों ने जलाकर मार डाला । अगले दिन इन्होंने डर से अपनी पहचान छुपाने के लिए अपने मुँह पर कालिख व रंग पोत लिए । असल में यह एक महिला की इज्जत लूट कर की गई हत्या थी । और हत्याओं पर जश्न चील कौए व गीदड़ मनाते हैं , इंसान नही ।

इस कार्यक्रम में विनीता , नीतू अम्बेडकर ,मोनिका ,सन्तोष ,निर्मला, सत्यपाल यादव , असुरेंद्र अम्बेडकर आदि लोग शामिल रहे ।


























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