Friday, February 7, 2025

हमारे महान पुरखों के जन्मोत्सव से मंगलमय दिन कोई नही ।

 माता रमाई के जन्मोत्सव पर भारतीय बौद्ध महासभा की तरफ से एक मांगलिक कार्यक्रम का आयोजन गया । इस कार्यक्रम में माता रमाई के व्यक्तित्व और कुर्बानियों पर चर्चा की गई । कार्यक्रम में मंच का संचालन माननीया आशा पुनिया ने किया । उन्होंने बताया कि आज उत्तर भारत के पेरियार ललई सिंह यादव का परिनिर्वाण दिवस भी है । बहुजन समाज की तरफ से उनको सादर नमन करते हैं । 


कार्यक्रम में बहन केला देवी ने माता रमाबाई अम्बेडकर के बारे में बताते हुए कहा कि बाबा साहब जब उच्च शिक्षा के लिए विदेश चले गए तो माता रमाई ने न केवल पूरे परिवार का भरण पोषण किया बल्कि बाबा साहब के पास फीस के कुछ पैसे भी भिजवाए ।

माननीया प्रेम यादव जी ने भी माता रमाई के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नारी शक्ति में अद्भुत प्राकृतिक शक्ति हैं । हमारे जितने भी महान योद्धा हुए हैं , सब को जन्म देने वाली मातृशक्ति ही रही हैं । माँ के बिना संसार न केवल रुक जाएगा बल्कि अंततः खत्म हो जाएगा । 


राष्ट्रपति अवार्डी पूर्व सरपंच माननीया रोशनी देवी ने अपने भाषण में बताया कि हमें अपने इतिहास से सीखना चाहिए । यह शक्ति का केंद्र है । बाबा साहब ने कहा है कि जो कौम अपना इतिहास नही जानती वो इतिहास नही बना सकती । इस तरह के कार्यक्रम इतिहास से जोड़ने के साधन हैं । 

कार्यक्रम में कमल सिंह ने एक शानदार भीम-गीत प्रस्तुत किया । साथ ही तनिष कुमारी , कनिष्का तथा तनुज ने बाबा साहब के जीवन से सम्बंधित गीतों की प्रस्तुति दी ।

कार्यक्रम के अंत में असुरेंद्र अम्बेडकर ने बताया कि आज का दिन हमारे लिए विशेष महत्व का दिन है । इस तरह के कार्यक्रम इतिहास की कड़ी बनते हैं । 

 

आज के दिन को विशेष महत्व देते हुए आज हमने एक मोटरसाइकिल खरीदी है । हमारे समाज के लिए ऐसे दिन मंगलकारी होते हैं और भविष्य में जिस तरह से बड़े बड़े शोरूम व कम्पनियां दीवाली , धनतेरस पर विशेष ऑफर देते हैं , इसी तरह हमारे बहुजन समाज के व्यवसायी हमारे महान योद्धाओं के जन्मोत्सव पर विशेष छूट दिया करेंगे , यह भविष्य में देखने को मिलेगा । हमने जो बाइक ली है , वह अपनी माँ अंतरा देवी के हाथ से ली है, साथ ही हमारे साथी पवन जी की बिटिया भानुप्रिया के हाथ से यह मंगलकारी शुरुआत की ।

यह हमारी मातृशक्ति का सम्मान करने का तरीका भी है ।

कार्यक्रम में एडवोकेट सुनील खोवाल ,सन्दीप ,रेणु ,नीतू अम्बेडकर ,दिव्या ,नम्रता आदि भीमसैनिक मौजूद रहे ।

 अंत में कार्यक्रम में सम्मलित सभी भीम योद्धाओं का साधुवाद व्यक्त किया ।

Monday, February 3, 2025

अपनी बौद्ध विरासत को पहचान रहा है यादव समाज

 

नारनौल (2 फरवरी 2025)

गृहप्रवेश के मांगलिक कार्यक्रम को बौद्ध रीति से करके माननीय सतपाल यादव तथा माननीया प्रेम यादव ने समाज को नई दिशा देने का कार्य किया । कार्यक्रम को बहुत ही शांत व सुंदर तरीके से करते हुए इस तार्किक परिवार ने तथागत बुद्ध व बोधिसत्व बाबा साहब अम्बेडकर की तस्वीर लगाकर प्राचीन जम्बूद्वीप तथा लोकतांत्रिक संवैधानिक भारत की बौद्धिक विरासत पर चलने का रास्ता दिखाया है । इस कार्यक्रम में त्रिसरन ,पँचशील तथा अट्ठमंगलगाथा हेतु बौद्ध भिक्खु भंते अस्सजी मौजूद रहे । भारतीय बौद्ध महासभा जिला महेंद्रगढ़ की उपप्रधान माननीया प्रेम यादव का हमेशा यह प्रयास रहता है कि समाज में व्याप्त कुरीतियों व गलत परम्पराओं का विरोध किया जाए तथा नए तार्किक उदाहरण समाज के सामने रखे जाएं । उन्होंने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम हमारी आने वाली पीढ़ी के लिए हमारे गौरवशाली इतिहास को जानने समझने के साधन बनेंगे । जनसंख्या की दृष्टि से भारत की सबसे बड़ी जाति यादव अहीर ही हैं । बुद्ध मार्ग पर इनका आगे बढ़ना ,सुजाता द्वारा तथागत को जीवन दान जैसा ही है । भारत में बुद्धवाद को पुनर्जीवित कर के उसी विरासत को भी जिंदा करने का प्रयास इसी में छिपा है। 


















इस कार्यक्रम में बी पी पूनिया ,रामानन्द ,पिंकी बौद्ध , अनूप बौद्ध ,अमरसिंह बौद्ध , दुर्गा प्रसाद,अजय कुमार , धर्मवीर यादव, अनिल कुमार, दिनेश शर्मा, निर्मला देवी,बिमला,  ममता, अनिता, मनिपा, सुदेश, सरिता , पूजा, पिंकी, सन्तराज, चेतन, सुभाष , राष्ट्रपति अवार्ड से सम्मानित पूर्व सरपंच रोशनी जी , भारतीय बौद्ध महासभा हरियाणा की सहसचिव आशा पूनिया , नीतू अम्बेडकर , असुरेंद्र अम्बेडकर समेत क्षेत्र के प्रबुद्धजनों की उपस्थिति रही ।


पटीकरा में भारतीय बौद्ध महासभा के सहयोग से मनाया गया बौद्ध जागरूकता कार्यक्रम

नारनौल खण्ड के पटीकरा गांव में डॉ भीमराव अंबेडकर नवयुवक मंडल पटीकरा के बैनर तले एक सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम ...