Wednesday, January 8, 2025

जातिवादी हिन्दू द्वारा महिला सरपंच के साथ मारपीट , जातिवादी टिप्पणी के विरोध में लामबंद हुए अम्बेडकरवादी

 नारनौल ( 8 जनवरी 2025 )

ग्राम पंचायत ककराला की सरपंच के साथ गाँव के ही एक जातंकवादी धर्मेंद्र द्वारा मारपीट ,अश्लील इशारे ,जातिवादी टिप्पणी ,जान से मारने की धमकी के मामले में बाबा साहब डॉ अम्बेडकर प्रतिमा स्थल पर एक बैठक का आयोजन किया गया जिसमें ककराला गांव की सरपंच ,पंच अन्य ग्रामीणों सहित अनुसूचित जाति के अनेक संगठनों के साथ एससी /एसटी कर्मचारी कल्याण संघ, सावित्रीबाई ज्योतिबा फुले फाउंडेशन नारनौल ,भारतीय बौद्ध महासभा जिला महेंद्रगढ़ ,श्रेष्ठ फाउंडेशन हरियाणा समेत अनेक संगठनों के सदस्य हाजिर रहे । सरपंच ने अपने साथ हुए पूरे घटनाक्रम को समाज के सामने रखा । पिछले महीने हुई इस जातिवादी वारदात पर आज तक अपराधी की पुलिस प्रशासन ने गिरफ्तार तक नही किया है ,यह शर्मनाक है ।

सभी लोगों ने भारतीय संविधान के दिशा निर्देश में इस लड़ाई को लड़ने का फैसला लेते हुए पुलिस प्रशासन को रविवार तक का समय दिया । तय समयावधि के पश्चात इस मामले को एससी आयोग को भेजकर आगे की कार्यवाही के लिए अन्य सामाजिक संगठनों का भी आह्वान किया जाएगा ।

इस अवसर पर माननीय जयनारायण , कामरेड सुभाष , पूर्व सरपंच ककराला दलीप सिंह , सुरेंद्र यादव ,सुंदरलाल ,छोटेलाल भाटी ,सतीश तँवर ,सुभाष भारती ,अतर सिंह ,मानसिंह नूनीवाल , इंदरसिंह ,शम्भू दयाल ,ओमपाल , महेश श्रेष्ठ ,जगदीश नारनौलिया ,भानीसहाय मांडिया , मनोहर लाल इंस्पेक्टर ,बलबीर हुडीना ,विक्रम मांडैया ,दलबीर बाछोद ,खुशवंत जोरासी ,देशराज टहला ,अश्विनी बौद्ध ,असुरेंद्र अम्बेडकर ,रोहताश ,दयानन्द ,सुल्तान,,विक्रम, नंदलाल ,रामेश्वर, लालचंद चौकीदार ,मास्टर रामनिवास ,शीशपाल समेत सैंकड़ो लोग उपस्थित थे ।


















Sunday, January 5, 2025

द बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया हरियाणा व दिल्ली का पुनर्गठन कार्यक्रम

 दिनांक 5 जनवरी 2025 को डॉ बी आर अम्बेडकर भवन , रानी झाँसी रोड , नई दिल्ली में हरियाणा व दिल्ली की भारतीय बौद्ध महासभा की इकाई में फेर बदल किया गया । इस बैठक में आदरणीय डॉ भीमराव यशवंतराव अम्बेडकर जी मुख्य अतिथि रहे । उन्होंने कहा कि दिल्ली व हरियाणा में बदलाव की आवश्यकता है। धार्मिक क्रांति की आवश्यकता है ,जिसे भारतीय बौद्ध महासभा के माध्यम से करना है। इस बदलाव के लिए अनुमति देते हुए उन्होंने कहा कि यह बाबा साहब का अंतिम सन्देश था , जिसे हमारे प्रत्येक परिवार को , प्रत्येक आदमी को समझना होगा । बाबा साहब सारी उम्र जिस समाज के लिए लड़ते रहे ,उस समाज ने जाग कर बाबा साहब के अनुसार आगे बढ़ते हुए उनके सपने को सच करना होगा । 

  हरियाणा प्रदेश शाखा अध्यक्ष जयशील जी के नेतृत्व में भारतीय बौद्ध महासभा के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष डॉ भीमराव यशवंतराव अम्बेडकर जी का स्वागत पंचशील पगड़ी के साथ केंद्रीय कार्यकारणी द्वारा किया गया। केंद्रीय कार्यालय प्रमुख एस के भंडारे जी का स्वागत कोषाध्यक्ष आयु संदेश मोहिते जी ने किया। ट्रस्टी-अंतर्राष्ट्रीय सचिव प्रविन निखांडे जी स्वागत आयु सुरेंद्र अम्बेडकर जी ने किया। राष्ट्रीय संघटक माननीय फौजी इंडिया का स्वागत हरियाणा प्रदेश संरक्षक सचिव संदीप बौद्ध जी ने किया ।

इस कार्यक्रम में कपूर सिंह कटारिया ,रोहताश सिंघल ,बजरंग बौद्ध ,माननीया सुनीता , नीतू अम्बेडकर समेत अनेक प्रबुद्धजन मौजूद रहे ।












Friday, January 3, 2025

भारतीय बौद्ध महासभा जिला महेंद्रगढ़ ने मनाया क्रांति ज्योति माता सावित्री बाई फुले का जन्मोत्सव

 नारनौल 3 जनवरी 2025

भारतीय बौद्ध महासभा जिला महेंद्रगढ़ के सौजन्य से गाँव नूनी शेखपुरा में क्रांति ज्योति माता सावित्री बाई फुले की जयंती हर्षोल्लास से मनाई गई । कार्यक्रम की शुरुआत माता सावित्री बाई फुले की तस्वीर पर माल्यार्पण तथा पंचशील के दीप प्रज्वलित कर के की गई । भारतीय बौद्ध महासभा हरियाणा की महिला प्रभाग सचिव माननीया आशा पूनिया ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए बताया कि महिलाओं की तरक्की का आधार शिक्षा है ,तथा शिक्षा का अधिकार हमें राष्ट्रपिता जोतिबा फुले तथा माता सावित्री बाई फुले की देन है । सामाजिक विकास पथ समिति की अध्यक्षा माननीया प्रेम यादव ने बताया कि सावित्री बाई फुले ने एक विधवा के बेटे यशवंतराव को अपनाकर उसे उस जमाने में डॉक्टर बनाया । केवल शिक्षा के जरिए ही यह बदलाव संभव हो सकता है । 

राष्ट्रपति अवार्डी पूर्व सरपंच माननीया रोशनी देवी ने उपस्थित   नारी शक्ति को सम्बोधित करते हुए कहा कि महिलाओं को धार्मिक पाखण्ड व व्रत त्योहारों से मुक्त होकर तार्किक शिक्षा की ओर अग्रसर होना चाहिए । धार्मिक पाखण्ड नारी के पैरों की बेड़ियां हैं । कार्यक्रम की मंच संचालिका माननीया केला देवी ने बताया कि बाइस वर्ष की उम्र में माता सावित्री बाई फुले ने जिस तरह से पाखण्ड का विरोध किया , वह क़ाबिले तारीफ है । उन्होंने बताया कि जब वो शिक्षा देने के लिए स्कूल जाती थी ,तो पाखण्डी ठगों ने उन पर गोबर कीचड़ फैंका । लेकिन उन सब बाधाओं को पार कर सावित्री बाई फुले ने हमारे लिए यह शानदार भविष्य का मांग प्रशस्त किया । 

कार्यक्रम में मनीषा ,कोमल ,खुशबू ,सोनू ,मुस्कान ,किरण ,शिवानी ,आरती ,निर्मला ,सुषमा ,शालू आदि अनेक क्रांतिकारी महिलाएं शामिल रही ।






पटीकरा में भारतीय बौद्ध महासभा के सहयोग से मनाया गया बौद्ध जागरूकता कार्यक्रम

नारनौल खण्ड के पटीकरा गांव में डॉ भीमराव अंबेडकर नवयुवक मंडल पटीकरा के बैनर तले एक सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम ...