Wednesday, July 2, 2025

पटीकरा में भारतीय बौद्ध महासभा के सहयोग से मनाया गया बौद्ध जागरूकता कार्यक्रम


नारनौल खण्ड के पटीकरा गांव में डॉ भीमराव अंबेडकर नवयुवक मंडल पटीकरा के बैनर तले एक सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महाराष्ट्र से बुद्धदर्शी संदेश मोहिते आमंत्रित थे । इस कार्यक्रम का उद्देश्य पाखण्ड व अंधविश्वास के आडम्बर को तोड़कर वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना था । इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला शक्ति तथा युवा वर्ग उपस्थित रहा । कार्यक्रम को आयोजत करने वाले मंडल ने सभी आगुन्तकों का पँचशील पटके पहना कर स्वागत किया । इस कार्यक्रम में भारतीय बौद्ध महासभा हरियाणा राज्य के अध्यक्ष जयशील बौद्ध ने बताया कि पाखण्ड से मुक्त होकर हम वैज्ञानिक आधार पर जीवन यापन करें तो देश तरक्की करेगा । उन्होंने बताया कि हमारे पास विश्वरत्न बाबा साहब डॉ अम्बेडकर की शिक्षाएं हैं जिन पर चलकर हम विश्व समुदाय से जुड़ सकते हैं । उन्होंने आह्वान किया कि महिला शक्ति आगे आकर धम्म की बागडौर सम्भालें व सामाजिक परिवर्तन की प्रणेता बने ।










































राज्य के महामंत्री बुद्धदर्शी सन्देश मोहिते ने त्रिशरण पँचशील पाठ कराया । उन्होंने बताया कि बौद्ध संस्कार सीखकर हैं अपने परिवार व पास पड़ोस में अद्भुत शांति स्थापित कर सकते हैं ।

उन्होंने मीटिंग में गुड़गांव से पधारे माननीय मोहन सिंह द्वारा लायी गयी धम्म की पुस्तकें वितरित कराई गई ।

मंच संचालन मनजीत बुद्धवंशी ने जन जन में बसी बुद्ध की बातों को उदाहरण देकर समझाया । उन्होंने महिलाओं को पाखंडपूर्ण व्रत ,कथा ,त्यौहार आदि में अपना धन नही खर्चने की सलाह दी । 

जिला प्रधान प्रेम यादव बुद्धवंशी ने इटावा में भागवत कथा करने वाले यादव समाज के व्यक्ति के बालों पर ब्राह्मण महिला के पेशाब से सिर मुंडन करने वाली घटना पर विरोध जताया और कहा कि पाखण्ड से निकल कर ही हम बौद्धमय भारत बना सकेंगे । उन्होंने बताया कि आज भारतीय संविधान का राज है । सामाजिक परिवेश में मनुस्मृति आज भी बहुजनों पर कहर ढा रही है । हमें अंततः बाबा साहब द्वारा बताए गए बुद्ध के मार्ग पर ही असली आजादी मिल पाएगी ।

राज्य महिला उपप्रधान आशा बुद्धवंशी ने बाबा साहब के बताए बौद्धिक मार्ग पर चलने का आह्वान किया । उन्होंने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए बताया कि हमारी दौलत यही है ।

राष्ट्रपति अवार्डी पूर्व सरपंच रोशनी बौद्ध ने मूर्तिपूजा का विरोध करते हुए कहा कि हमारी नारी शक्ति का सबसे बड़ा शत्रु पाखण्ड ही है । इसे नकार कर ही भारत पुनः विश्व गुरू बन सकता है । 

क्रांतिकारी साहित्यकार भूपसिंह भारती ने "भीम की ताकत"

हम बणे शूद्र भई बिना पढ़ाई, गई संपत्ति सारी। राज पाट भी लूट लिया, अर लूटी शिक्षा म्हारी।।

तथा "राह भीम ने दिखाई, पढ़ो लिखो भाण भाई, शिक्षा में छिपी भलाई, लोगो जाग जाइए।" रचनाएं पेश की ।

 पूर्व मैनेजर प्यारेलाल ने भी अपने उद्बोधन में बाबा साहब के जीवन वृतान्त पर प्रकाश डाला । 

हिसार से पधारे राज्य कोषाध्यक्ष सन्दीप बौद्ध ने शिक्षा के उजियाले का श्रेय बाबा साहब द्वारा लिखे संविधान को देते हुए उपस्थित जनसमूह को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित किया ।

कार्यक्रम में छोटे छोटे बच्चों ने बाबा साहब व परम् निरात्मा तथागत बुद्ध से सम्बंधित अनेक कविताओं की प्रस्तुति दी । कार्यक्रम में सुमना देवी , चम्पा देवी , सुनीता बौद्ध ,भोलाराम, बलीसिंह ,प्यारेलाल, जयसिंह, अशोक कुमार, रमेश, कैलाश, सतीश तंवर, लोकेश, शिन शाओलिनफो निरिससरो, सुबेसिंह, बलबीर, रतिराम, कवरसिंह, जोरावर, अनिल कुमार और कर्ण सिंह , निर्मल बौद्ध आदि लोग उपस्थित रहे ।

Tuesday, May 27, 2025

ममतामयी माता रमाबाई अम्बेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर दी गई उन्हें विनम्र आदरांजलि

 ममतामयी माता रमाबाई अम्बेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर एक कार्यक्रम का आयोजन भारतीय बौद्ध महासभा जिला महेंद्रगढ़ की इकाई के तत्वावधान में नारनौल में किया गया । इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य माता रमाबाई के त्याग ,बलिदान ,करूणा ,ममता के संदेश को जन जन तक पहुंचाना था । कार्यक्रम की शुरुआत पँचशील के दीप प्रज्वलित करके की गई । इस कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि इस कार्यक्रम का संचालन महिला शक्ति द्वारा किया गया । 

भारतीय बौद्ध महासभा हरियाणा राज्य की उपाध्यक्ष माननीया आशा बुद्धवंशी ने माता रमाबाई अम्बेडकर के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बाबा साहब हमारे लिए इतना कुछ कर पाए ,उसका श्रेय माता रमाई को जाता है । उन्होंने बाबा साहब को कभी भी टूटने नही दिया । यहां तक कि बाबा साहब को जब भी जरूरत पड़ी उन्होंने पैसे भी भिजवाए । उनको आज हम सादर नमन करते हैं ।

राष्ट्रपति अवार्डी पूर्व सरपंच माननीया रोशनी जी , जो वर्तमान में जिला इकाई की उपप्रधान हैं , ने माता रमाई को आदरांजलि प्रस्तुति करते हुए बताया कि माता रमाबाई के बलिदान के बदले ही बहुजन समाज व नारी वर्ग आज शानदार तरीके से जीवन जी रहे हैं । अपने बच्चों की कुर्बानी देकर माता रमाई ने इस देश के भविष्य को सँवारा है । आज हर क्षेत्र में महिलायें पुरुषों को पछाड़ रही है जिसका श्रेय भारत के संविधान को जाता है । संविधान में बाबा साहब ने देश की आधी आबादी को जो हक व अधिकार दिए हैं उन्ही की बदौलत आज भारत की नारी आसमान छू रही हैं । 

जिला इकाई की महामंत्री माननीया केला बुद्धवंशी ने माता रमाई के परिनिर्वाण दिवस पर अपनी आदरांजलि प्रस्तुत करते हुए बताया कि आज समाज में बहुजन तबके ने अपनी शानदार स्थिति बनाई है तो बाबा साहब के उस कथन की वजह से ही जिसमें बाबा साहब कहते हैं कि रमा ! तेरा राजरत्न देश का शासक बनेगा । बाबा साहब ने वंचित तबके को देश के संसद भवन तक पहुंचने का अवसर संविधान के जरिए दिया है। आज हमें माता रमाई के त्याग व बलिदान को याद करके अगली पीढ़ी को समझाना है । अपने इतिहास को जानकर ही हमारा समाज नए उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकता है । 

भारतीय बौद्ध महासभा जिला इकाई महेंद्रगढ़ की कोषाध्यक्ष नीतू अम्बेडकर ने सभी बुद्धवंशी आगुन्तकों का साधुवाद व्यक्त करते हुए बताया कि हमारे साथी आज के दिन को बहुत ही दुःख व वेदना के रूप में मनाते हैं , जबकि हमारे बाबा साहब अम्बेडकर आज के युग के बोधिसत्त्व ही हैं । बुद्ध के सिद्धांतों में - जीवन मे दुःख हैं जिनका एक कारण है । साथ ही निवारण भी है ,जिसकी राह बोधिसत्त्व दिखाते व समझाते हैं । इस हिसाब से देखें तो हम आज के दिन को परिनिर्वाण दिवस के रूप में यह सोचकर मनाएं कि यह अंतिम दिन था जब हमारी माता रमाबाई हमारे बीच इस संसार मे मौजूद थी । अतः यह खुशी का दिन है , वो अंतिम दिन जिस दिन हमारी माता रमाई हमारे साथ थी ,वो आज है । इस सोच से हम दुःख से मुक्ति पाएंगे , यही एक बोधिसत्त्व का सफल संदेश भी होगा । तो इस दिन की याद से हमें दुःख नही घेरेगा । 

कार्यक्रम के अंत में सभी वक्ताओं व श्रोताओं का आभार व्यक्त किया गया । इस कार्यक्रम में लालसिंह , नेहा , सुनील , साहिल ,असुरेंद्र अम्बेडकर आदि मौजूद रहे । 


























पटीकरा में भारतीय बौद्ध महासभा के सहयोग से मनाया गया बौद्ध जागरूकता कार्यक्रम

नारनौल खण्ड के पटीकरा गांव में डॉ भीमराव अंबेडकर नवयुवक मंडल पटीकरा के बैनर तले एक सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम ...