नारनौल 3 जनवरी 2025
भारतीय बौद्ध महासभा जिला महेंद्रगढ़ के सौजन्य से गाँव नूनी शेखपुरा में क्रांति ज्योति माता सावित्री बाई फुले की जयंती हर्षोल्लास से मनाई गई । कार्यक्रम की शुरुआत माता सावित्री बाई फुले की तस्वीर पर माल्यार्पण तथा पंचशील के दीप प्रज्वलित कर के की गई । भारतीय बौद्ध महासभा हरियाणा की महिला प्रभाग सचिव माननीया आशा पूनिया ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए बताया कि महिलाओं की तरक्की का आधार शिक्षा है ,तथा शिक्षा का अधिकार हमें राष्ट्रपिता जोतिबा फुले तथा माता सावित्री बाई फुले की देन है । सामाजिक विकास पथ समिति की अध्यक्षा माननीया प्रेम यादव ने बताया कि सावित्री बाई फुले ने एक विधवा के बेटे यशवंतराव को अपनाकर उसे उस जमाने में डॉक्टर बनाया । केवल शिक्षा के जरिए ही यह बदलाव संभव हो सकता है ।
राष्ट्रपति अवार्डी पूर्व सरपंच माननीया रोशनी देवी ने उपस्थित नारी शक्ति को सम्बोधित करते हुए कहा कि महिलाओं को धार्मिक पाखण्ड व व्रत त्योहारों से मुक्त होकर तार्किक शिक्षा की ओर अग्रसर होना चाहिए । धार्मिक पाखण्ड नारी के पैरों की बेड़ियां हैं । कार्यक्रम की मंच संचालिका माननीया केला देवी ने बताया कि बाइस वर्ष की उम्र में माता सावित्री बाई फुले ने जिस तरह से पाखण्ड का विरोध किया , वह क़ाबिले तारीफ है । उन्होंने बताया कि जब वो शिक्षा देने के लिए स्कूल जाती थी ,तो पाखण्डी ठगों ने उन पर गोबर कीचड़ फैंका । लेकिन उन सब बाधाओं को पार कर सावित्री बाई फुले ने हमारे लिए यह शानदार भविष्य का मांग प्रशस्त किया ।
कार्यक्रम में मनीषा ,कोमल ,खुशबू ,सोनू ,मुस्कान ,किरण ,शिवानी ,आरती ,निर्मला ,सुषमा ,शालू आदि अनेक क्रांतिकारी महिलाएं शामिल रही ।



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