नारनौल 9 मार्च 2025 :
जिला मुख्यालय पर बोधिसत्व डॉ अम्बेडकर प्रतिमा स्थल पर भारतीय बौद्ध महासभा जिला महेंद्रगढ़ के नेतृत्त्व में बौद्धगया बिहार प्रदेश पर अबौद्धों यानि ब्राह्मणों के कब्जे से मुक्ति के लिए एक बैठक का आयोजन किया गया । इस बैठक में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे बिहार के महाविहार बोधगया को मुक्त कराने के प्रयासों पर चर्चा की गई तथा राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन ईमेल के जरिए भेजे गए ।
बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि इस ऐतिहासिक स्मारक पर अबौद्धों का कब्जा छुड़वाया जाए ,तथा इसे बुद्ध के असली वंशजों को सौंपा जाए । बैठक में भारतीय बौद्ध महासभा की उपप्रधान माननीया प्रेम यादव जी ने बताया कि विश्व में भारत की पहचान बुद्ध से है । यहां के प्रधानमंत्री विदेश में जाकर बुद्ध की बात करते हैं । लेकिन बोधिस्थल बोधगया पर गैरबौध्दों का कब्जा कराया हुआ है । बुद्ध की विरासत के असली हकदार वर्तमान के एससी एसटी ओबीसी लोग हैं । माननीया केला देवी ने बताया कि बाबा साहब अम्बेडकर ने भारत के संविधान में 75% बौद्ध सिद्धांत शामिल किए और अंततः बौद्ध बने । उन्होंने अपनी पुस्तकों में बताया कि अनुसूचित जाति जनजाति ,पिछड़े वर्ग के लोग बुधवंशी ही हैं ।सर्व अनुसूचित जाति संघर्ष समिति के अध्यक्ष श्री चंदन सिंह जालवान ने बताया कि हक की लड़ाई लड़ी जाती है , उन्हें कोई आपकी झोली में नही डालने वाला । माननीय जयनारायण ने बताया कि हमें इस जंग में पूरा सहयोग करना है । बोधगया से ग़ैरबोद्धों को हटाने की लड़ाई में पूरा बहुजन समाज अपनी आहुति देने को तैयार है । हमें बाबा साहब के बताए मार्ग पर आगे बढ़ना है ।
बैठक में सर्व अनुसूचित जाति संघर्ष समिति के महासचिव तथा कबीर सामाजिक उत्थान समिति दिल्ली के अध्यक्ष बी सी गोठवाल , साहित्यकार भूपसिंह भारती , रणधीर सिंह धीरू , वेदप्रकाश, राजेंद्र ,रामसिंह जोया ,कामरेड सुभाष चन्द्र ,जसवंत भाटी ,भारतीय बौद्ध महासभा की जिला संयोजक रोशनी देवी पूर्व सरपंच ,हरियाणा प्रदेश महिला संयोजक आशा पूनिया ,द बुद्धिष्ट सोसायटी ऑफ इंडिया उपप्रधान नीतू अम्बेडकर, सुमेरसिंह गोठवाल ,कपिल गोरा ,अनूप सिंह ,स्वागत ,एडवोकेट मुकेश ,श्रेष्ठ फाउंडेशन हरियाणा के महासचिव महेश श्रेष्ठ ,लाल सिंह सैनी,असुरेंद्र अम्बेडकर समेत कई लोग शामिल रहे ।
















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